जेल की सलाखों के पीछे राम रहीम अपनी सजा काट रहा है. लेकिन उसे लेकर हर दिन नए-नए खुलासों का दौर जारी है. आखिर कोई इंसान इतना कैसे गिर सकता है कि छठी और सातवीं कक्षा में पढनी वाली लड़कियों को अपने लिए ख़ास व्रत रखने पर मजबूर करवाए. लेकिन राम रहीम अपने लिए ऐसा व्रत रखवाता था. इन बच्चियों को व्रत रखवाने में उसकी मदद चहेती हनी करती थी.
मिल गया वो मैसेज, जिसमें हनीप्रीत ने पहली बार राम रहीम को लिखा 'I Love You'
दावा गुरदास सिंह तूर ने किया है कि हनीप्रीत बाबा और डेरे के स्कूल की बच्चियों के बीच मीडिएटर का काम करती थी. हनीप्रीत इन बच्चियों को बाबा के लिए ख़ास व्रत यानि करवाचौथ का व्रत रखवाती थी. जबकि हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार ये व्रत महिलायें अपने पति की लम्बी उम्र की दुआ के लिए करती हैं. लेकिन राम रहीम के लिए हनीप्रीत छोटी-छोटी बच्चियों को करवाचौथ का व्रत रखवाती थी.
हनीप्रीत इसके लिए डेरे के स्कूल की खूबसूरत लड़कियों के टच में रहती थी. उनका ब्रेन वॉश करके उन्हें करवाचौथ का व्रत रखवाने के लिए मना लेती थी. बाद में इन्हीं बच्चियों को बाबा की गुफा के बेडरूम तक पहुंचाने का काम करती थी, जहां बाबा बच्चियों से रेप करता था.
गुरदास सिंह तूर का कहना है कि राम रहीम को सजा होने के बाद उसे एक लड़की ने कॉल कर बधाई देते हुए कहा कि, आखिरकार आपकी मेहनत रंग लाई.आपको सैल्यूट है सर.
उस लड़की ने गुरदास को ये भी बताया कि बाबा खुद को भगवान् बताता था और छठवीं और सातवीं क्लास की लड़कियों के साथ घिनौना का काम काम करता था.
इंतज़ार ख़त्म, राम रहीम से भी बड़ी वजह के कारण हनीप्रीत आ रही सामने
हिन्दू धर्म में कुँवारी कन्या को देवी माना जाता है. लेकिन बलात्कारी बाबा ने उस देवी के ऊपर भी रहम नहीं की और खुद को कलंकित कर दूसरों को भी बुरा भला कहलवाया. गुरदास सिंह तूर का ये दावा कितना सच्चा है इसके लिए आपको जाँच पड़ताल होने के वक़्त तक इंतज़ार करना होगा.
मिल गया वो मैसेज, जिसमें हनीप्रीत ने पहली बार राम रहीम को लिखा 'I Love You'
दावा गुरदास सिंह तूर ने किया है कि हनीप्रीत बाबा और डेरे के स्कूल की बच्चियों के बीच मीडिएटर का काम करती थी. हनीप्रीत इन बच्चियों को बाबा के लिए ख़ास व्रत यानि करवाचौथ का व्रत रखवाती थी. जबकि हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार ये व्रत महिलायें अपने पति की लम्बी उम्र की दुआ के लिए करती हैं. लेकिन राम रहीम के लिए हनीप्रीत छोटी-छोटी बच्चियों को करवाचौथ का व्रत रखवाती थी.
हनीप्रीत इसके लिए डेरे के स्कूल की खूबसूरत लड़कियों के टच में रहती थी. उनका ब्रेन वॉश करके उन्हें करवाचौथ का व्रत रखवाने के लिए मना लेती थी. बाद में इन्हीं बच्चियों को बाबा की गुफा के बेडरूम तक पहुंचाने का काम करती थी, जहां बाबा बच्चियों से रेप करता था.
गुरदास सिंह तूर का कहना है कि राम रहीम को सजा होने के बाद उसे एक लड़की ने कॉल कर बधाई देते हुए कहा कि, आखिरकार आपकी मेहनत रंग लाई.आपको सैल्यूट है सर.
उस लड़की ने गुरदास को ये भी बताया कि बाबा खुद को भगवान् बताता था और छठवीं और सातवीं क्लास की लड़कियों के साथ घिनौना का काम काम करता था.
इंतज़ार ख़त्म, राम रहीम से भी बड़ी वजह के कारण हनीप्रीत आ रही सामने
हिन्दू धर्म में कुँवारी कन्या को देवी माना जाता है. लेकिन बलात्कारी बाबा ने उस देवी के ऊपर भी रहम नहीं की और खुद को कलंकित कर दूसरों को भी बुरा भला कहलवाया. गुरदास सिंह तूर का ये दावा कितना सच्चा है इसके लिए आपको जाँच पड़ताल होने के वक़्त तक इंतज़ार करना होगा.
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