Showing posts with label nirmala sitaraman fast purchasing defence meeting every. Show all posts
Showing posts with label nirmala sitaraman fast purchasing defence meeting every. Show all posts

Friday, 15 September 2017

अभी-अभी: रक्षामंत्री सीतारमण ने लिया इतिहास का सबसे बड़ा फैसला, पाकिस्तान में मची खलबली

loading...
healthpatrika.com     September 15, 2017    

पाकिस्तान ने एक बार फिर सीजफायर का उलंघन करते हुए भारतीय सेना के जवानों पर अंधाधुंध गोलिया चलाई व मोट्रार दागे. जिसमे दो bsf के जवान शहीद हो गये व तिन नागरिक घायल हुए. रक्षामंत्री ने कड़ी प्रतिक्रया देते हुए पाक को चेताया की अगर पाक ने ऐसे ही उकसाया तो इसके गंम्भीर परिणाम भुगतने पड़ेगे
देश की नई रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पद संभालने के बाद से लगातार एक्शन में हैं. वो एक के बाद एक ऐसे-ऐसे बड़े फैसले ले रही हैं, जिनसे भारतीय सेना की ताकत कुछ ही वक़्त में दोगुनी से भी अधिक हो जायेगी. ताजा जानकारी के मुताबिक़ सेना की शक्ति बढ़ाने के लिए उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसे आजादी के बाद से अब तक किसी ने नहीं लिया.

सेना के पास लगेगा हथियारों का अम्बार !
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने तय किया है कि वो प्रतिदिन तीनों सेना प्रमुखों के साथ मीटिंग करेंगी. देश की रक्षा से सम्बंधित सभी मुद्दों को हर रोज सुनेंगी. देश की रक्षा से जुड़े सौदों को जल्द से जल्द निपटाने के लिए हर 15 दिनों में रक्षा खरीद परिषद की मीटिंग करेंगी. बता दें कि इससे पहले इतनी तेजी से काम किसी भी रक्षामंत्री ने नहीं किया.
मंत्रालय की ओर से जानकारी दी गयी है कि हाल ही में रक्षामंत्री का पदभार संभालने के बाद निर्मला सीतारमन ने मंत्रालय की गतिविधियों और कामकाज को समझने के लिए मंत्रालय व् सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई मीटिंग कीं और महत्वपूर्ण मुद्दों पर टालमटोली की जगह स्पष्ट निर्देश दिए.
आपको याद होगा कि चीन के साथ डोकलाम विवाद के दौरान मीडिया ने खबर उड़ाई थी कि सेना के पास ज्यादा गोला-बारूद ही नहीं है. हालांकि वो खबर पूरी तरह से झूठी निकली थी, लेकिन फिर भी सेना के हथियारों के भण्डार को तेजी से ऊपर तक भरने के लिए रक्षा सौदों में अब तेजी लायी जायेगी. रक्षा मंत्री ने रक्षा सौदों को समयबद्ध तरीके से तेजी से निपटाने के लिए तय किया है कि रक्षा खरीद परिषद की मीटिंग हर 15 दिन में होगी.
बेहद आक्रामक रूप में रक्षामंत्री !
इस परिषद की अध्यक्ष रक्षामंत्री स्वयं हैं. तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ कई मीटिंग तय की गई हैं, ताकि रक्षा तैयारियों और रणनीतिक महत्व से जुड़े अन्य मुद्दों का जायजा लिया जा सके. तीनों सेना प्रमुखों और रक्षा सचिव के साथ हर सुबह अलग से मीटिंग भी होगी. इसे जल्द फैसला लेने के लिए शुरू किया गया है. जो अन्य मुद्दे फोकस में होंगे, उनमें जमीन और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्टों से जुड़े मुद्दों और रक्षा कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण से जुड़े मुद्दों को सुलझाना शामिल है.
प्रतिदिन देश की रक्षा से जुडी जानकारियां ली जाएंगी. हर 15 दिनों में ये देखा जाएगा कि रक्षा सौदों में काम कितनी तेजी से हो रहा है. यदि कोई रुकावट है, तो क्यों है. यानी देश का हथियार भण्डार भरने में अब ज्यादा देर नहीं लगेगी. निर्मला सीतारमण अब तक की सबसे ज्यादा आक्रामक रक्षामंत्री के रूप में नजर आ रही हैं.

loading...
© 2011-2014 AajTak Times. Designed by Bloggertheme9. Powered by Blogger.