राजस्थान के अलवर जिले में फलाहारी महाराज नाम के स्वयंभू संत अस्पताल में भर्ती है और अस्पताल के बाहर पुलिस का पहरा है. बाबा की सुरक्षा में नहीं, बल्कि बाबा को हथकड़ी पहनाने के लिए. दरअसल जगदगुरु रामानुजाचार्य प्रपन्नाचारी स्वामी कौशलेंद्र फलाहारी महाराज नाम के इन बाबा पर छत्तीसगढ़ की एक लड़की ने बलात्कार का केस दर्ज कराया है. ये मामला 7 अगस्त का है, जब पूरा देश रक्षाबंधन का त्योहार मना रहा था. हम आपको बताते हैं पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित लड़की ने कैसे तफ्सील से खुद पर हुआ जुर्म और जुल्म बयां किया है.
पीड़ित युवती का परिवार लगभग 15 सालों से रेपिस्ट बाबा का भक्त है और परिवार के सदस्य हर साल बाबा के दर्शन को जाते थे. यह युवती जयपुर में रह कर कानून की पढ़ाई कर रही थी. बाबा की सिफारिश पर सुप्रीम कोर्ट के एक वकील के यहां इसने अपना इंटर्नशिप पूरा किया था. इंटर्नशिप खत्म होने के बाद पीड़िता बाबा का आशीर्वाद लेने 7 अगस्त को अलवर के दिव्य धाम पहुंची. रक्षा बंधन का दिन होने की वजह से फलहारी बाबा ने उसे आश्रम में ही रुकने के निर्देश दिए. उससे कहा कि आज रात में उसे गुप्त दिव्य मंत्र दिया जाएगा.
रात में युवती जब बाबा के कमरे में पहुंची, तो उसने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया. बंद कमरे में बाबा ने युवती को अपनी पहचान और पहुंच बताई. उसे हाई कोर्ट का जज बनाने का लालच भी दिया. उसने डरा धमकाकर युवती का बलात्कार किया. जब बाबा अपनी काली करतूत को अंजाम दे रहा था तभी एक बच्चे बाबा के कमरे का दरवाजा खटखटाया जिसके बाद वो बाबा के चंगुल से छूट पाई और कमरे से भाग गई.
बाबा के चंगुल से छूटने के बाद युवती रातभर दिव्य धाम कैंपस में ही रही. कैंपस में बने स्कूल के एक कमरे में अपने आप को बंद रखा और सुबह जैसे तैसे वहां से जयपुर पहुंची. जयपुर पहुंचने के बाद युवती 20 दिन तक वहां रही लेकिन बाबा के प्रभुत्व के डर से उसने मुंह बंद रखा. मगर जब उसने बाबा राम रहीम को मिली सजा की खबर सुनी, उसे हिम्मत आई. उसने फैसला किया कि वो बाबा फलाहारी की सच्चाई सबके सामने लाकर रखेगी. अब बाबा पर केस दर्ज हो चुकी है, जल्द उसकी गिरफ्तारी भी हो जाएगी.
